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‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ की हुई शुरुआत, 1.25 करोड़ लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ की शुरुआत कर दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस अभियान की शुरुआत की। इस वर्चुअल लॉन्चिंग के मौके पर राज्य सरकार के संबंधित विभागों के मंत्री भी मौजूद थे।

‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ के तहत प्रदेश के 1.25 करोड़ लोगों को रोजगार मुहैया करवाया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार इस योजना के तहत प्रदेश लौटे करीब सवा करोड़ मजदूरों को अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार दिया जाएगा। इसके तहत 25 अलग-अलग योजनाओं को एक जगह समाहित किया गया है, ताकि मजदूरों को काम उपलब्ध कराया जा सके। आपको बता दें कि अभी हाल ही में देश के अलग-अलग राज्यों से उत्तर प्रदेश में करीब 20 लाख से अधिक मजदूर वापस आए हैं। ऐसे में सरकार की ओर से यह कोशिश की जा रही है कि प्रदेश में ही अधिक से अधिक मजदूरों को रोजगार दिया जाए।

इस अभियान को लॉन्च करने के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कई मजदूरों के साथ संवाद भी किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि, “हम सभी ने अपने व्यक्तिगत जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं। हमारे सामाजिक जीवन में कई कठिनाइयाँ आती रहती हैं। लेकिन किसी ने ये नहीं सोचा था कि पूरी दुनिया पर एक साथ इतना बड़ा संकट आ जाएगा। ऐसा संकट, जिसमें लोग चाहकर भी दूसरों की मदद नहीं कर पाएंगे।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि, “भारत सरकार द्वारा शुरू किया गए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान ने आज आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार कार्यक्रम को प्रेरणा दी है। यानी केंद्र सरकार की योजना को योगी जी की सरकार ने गुणात्मक और संख्यात्मक दोनों ही तरीकों से विस्तार दे दिया है। श्रम की ताकत हम सभी ने महसूस की है। इसी शक्ति ने आज आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान को प्रेरणा दी है।”

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, “इस योजना के जरिये करीब सवा करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा 2 लाख 68 हजार एमएसएमई इकाइयों को 6556 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान किया गया है। प्रदेश में जितने भी प्रवासी श्रमिक आए हैं, उनमें से 18 साल की उम्र के बच्चों को छोड़कर लगभग 30 लाख मजदूरों की स्किल मैपिंग की गई है। इससे इन मजदूरों को रोजगार देने में आसानी होगी।” आपको बता दें कि यूपी सरकार ने लॉकडाउन के दौरान कई बड़ी कंपनियों से MoU साइन किया था, जिसका मकसद प्रवासी मजदूरों को उनके जिले में ही रोजगार उपलब्ध कराना था।

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