कृषि पिटारा मुखिया समाचार

अधिक मुनाफा हासिल करने के लिए शुरू करें फूल गोभी की अगेती या पछेती किस्मों की बुआई

नई दिल्ली: भारत के विभिन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर फूल गोभी की खेती की जाती है। बिहार, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, आसाम, हरियाणा और महाराष्ट्र फूल गोभी उगाने वाले प्रमुख राज्य हैं। अगर आप भी फूल गोभी की खेती शुरू करना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि आप इसकी अगेती या पछेती किस्मों की बुआई करें। क्योंकि मुख्य सीजन में, जब इसकी उपज बाज़ार में पहुँचती है तब विक्रेता को इसका औसत भाव ही मिल पाता है। जबकि अगेती या पछेती किस्मों के भाव काफी ऊँचे होते हैं। इस प्रकार फूल गोभी की खेती के मुख्य समय से थोड़ा पहले या बाद में फसल की बुआई कर आप अन्य किसानों से अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं।

फूल गोभी की फसल रेतली दोमट के अलावा चिकनी दोमट मिट्टी में भी उगाई जा सकती हैं। जिन किस्मों की बुआई देर से की जाती है उनके लिए चिकनी दोमट मिट्टी बेहतर मानी जाती है। जबकि जल्दी पकने वाली क़िस्मों के लिए रेतली दोमट मिट्टी बेहतर होती है। फूल गोभी की खेती के लिए मिट्टी का पी एच मान 6 से 7 होना चाहिए। यदि मिट्टी का पी एच कम हो तो उसे बढ़ाने के लिए आप मिट्टी में चूना डाल सकते हैं।

अगर आप फूल गोभी की खेती करने जा रहे हैं तो पूसा दीपाली, अर्ली कुंवारी, पूसा सनोबाल-1, पूसा सनोबाल K1 या स्नोबाल-16 में से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं। किसान मित्रों फूल गोभी की बुआई से पहले खेत की अच्छी तरह से जुताई कर नर्म करें। इसके बाद आखिरी जोताई के समय खेत में अच्छी तरह गली हुई रूड़ी की खाद ज़रूर डालें। फूल गोभी की अगेती किस्मों के लिए रोपाई का सबसे अच्छा समय जून से जुलाई तक है, जबकि पिछेती किस्मों के लिए सितंबर और अक्तूबर तक है।

रोपाई करते समय अगेती किस्मों के लिए 45×45 से.मी. और पिछेती किस्मों के लिए 45×30 से.मी. का फासला ज़रूर बरकरार रखें। रोपाई के लिए 3-4 सप्ताह पुराने पौधों का प्रयोग करें। जहाँ तक बात है बिजाई की विधि की तो आप डिबलिंग विधि या रोपण विधि का प्रयोग कर सकते हैं। अगेती किस्मों के लिए 500 ग्राम, जबकि पिछेती और मुख्य मौसम की किस्मों के लिए प्रति एकड़ में 250 ग्राम बीज की आवश्यकता होती है।

फूल गोभी की रोपाई तुरंत के बाद पहली सिंचाई करें। इसके अलावा मिट्टी, जलवायु, के आधार पर गर्मियों में 7-8 दिनों के अंतराल पर और सर्दियों में 10-15 दिनों के अंतराल पर खेत की सिंचाई करें। जब गोभी का फूल पूरा विकसित हो जाए तब फूलों की कटाई सुबह के समय करें। और कटाई के बाद उन्हें किसी ठंडी जगह पर रखें। इसके बाद आप आकार के अनुसार फूलों को छांट कर अलग कर लें।

Related posts

Leave a Comment