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भिंडी की फसल से अधिक मुनाफा कमाने के लिए अपनाएँ ये तरीके

नई दिल्ली: भिंडी सब्जी वाली एक ऐसी फसल है जो व्यावसायिक दृष्टि से किसानों को काफी अच्छा मुनाफा दिलवाती है। सब्जी की खेती करने वाले काफी किसान भिंडी की खेती कर कम लागत में अच्छा खासा मुनाफा कमा लेते हैं। कुछ किसान ऐसे भी हैं जो भिंडी की फसल उगाने में सिर्फ एक बार पैसा लगाते हैं और दो बार पैदावार प्राप्त कर अपने मुनाफे में बढ़ोतरी करते हैं। वैसे तो भिंडी की बुआई फरवरी-मार्च महीने में की जाती है। लेकिन अगर आप भिंडी की बुआई जनवरी के पहले सप्ताह में ही कर दें तो आपकी फसल क्षेत्र में सबसे पहले तैयार हो जाएगी। यह तो जगजाहिर सी बात है कि सब्जियों के दाम या तो सीजन की शुरुआत में ऊँचे होते हैं या फिर सीजन के आखिर में।

भिंडी की फसल से बढ़िया मुनाफा कमाने के लिए बेहतर होगा कि आप बाजार से उस प्रजाति का बीज खरीदें जो जल्दी तैयार हो जाए और गर्मी-बरसात दोनों ही मौसमों में अच्छी उपज दे। फसल जल्दी तैयार हो सके, इसके लिए जनवरी के प्रथम सप्ताह में हर हाल में भिंडी के बीजों को अंकुरित करके बो दें। इस समय बुआई करने से भिंडी की फसल मार्च में तैयार हो जाएगी। इस फसल की तुड़ाई के बाद जून के महीने में भिंडी के पौधों को जड़ से चार-पांच इंच छोड़ कर कलम कर दें। इसके कुछ दिनों के बाद बरसात शुरू हो जाती है और कलम किए गए पौधों में फिर से कल्ले निकल आते हैं। दोबारा निकले हुए कल्लो में 40 से 45 दिनों में ही फल उगने लगते हैं। इस तरह आप एक बार बीज की बुआई कर दोबारा फसल काट सकते हैं। इससे आपकी खाद-पानी व बीज की लागत आधे से भी कम हो जाएगी और आपका मुनाफा चार गुना तक बढ़ जाएगा।

किसान मित्रों, आपको बता दें कि कृषि वैज्ञानिकों ने अबतक भिंडी की कुछ ऐसी किस्में ईजाद कर ली हैं, जो ग्रीष्मकालीन और वर्षाकालीन दोनों ही ऋतुओ में अधिक उपज देती हैं। आप चाहें तो इन क़िस्मों की बुआई कर सकते हैं। ये किस्में हैं – काशी शक्ति, काशी विभूति और काशी प्रगति इत्यादि। ये ऐसी किस्में हैं जिनकी अगेती बुआई कर फसल तोड़ने के बाद इनके पौधों की कलम करके बरसात के मौसम में भी इनसे दोबारा पैदावार प्राप्त की जा सकती है।

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