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बिहार: लॉकडाउन का होगा सख्ती से पालन, ग्रीन जोन की व्यवस्था फिलहाल खत्म

पटना: देश भर में आज से लॉकडाउन का तीसरा चरण शुरू हो रहा है। कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन को दो और हफ्तों यानी 17 मई तक बढ़ा दिया है। हालांकि इस बार जोन के अनुसार जिलों में कुछ अतिरिक्त छूट भी दी जाएगी और सख्ती भी बरती जाएगी। आज से ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन में बांटे गए जिलों में कई तरह की छूट दी जा रही हैं।

बिहार के नए इलाकों में कोरोना के संक्रमण के बाद लॉकडाउन के तीसरे चरण में यहाँ कोई रियायत नहीं मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने अब लॉकडाउन को और भी सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के जिले सिर्फ दो जोन रेड और ऑरेंज में बांटे गए हैं। ग्रीन जोन की व्यवस्था फिलहाल लागू नहीं होगी। रविवार को गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी और डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया।

गृह विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार ने रेड जोन में जो छूट दी है, वह बिहार में लागू नहीं होगी। अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग आमिर सुबहानी ने कहा कि, “नये क्षेत्रों में कोरोना के प्रसार और अगले कुछ दिनों में अन्य राज्यों से प्रवासी मजदूरों और छात्रों के बड़ी संख्या में आने के मद्देनजर यह जरूरी हो गया है कि बिहार में लॉकडाउन को और अधिक कड़ाई से लागू किया जाये। पूरे बिहार में दो ही प्रकार के जोन होंगे – रेड व ऑरेंज। मुंगेर, पटना, रोहतास, बक्सर व गया रेड जोन में हैं। शेष 33 जिले ऑरेंज जोन में हैं।”

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने राज्य के 13 जिलों को ग्रीन जोन में शामिल किया था। लेकिन राज्य सरकार ने यहाँ के हालात को देखते हुए ग्रीन जोन की व्यवस्था को फिलहाल खत्म कर दिया है। पूरे प्रदेश में शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक जरूरी सेवाओं को छोड़कर कोई भी व्यक्ति बाहर नहीं निकल सकेगा। इस दौरान लोगों के घर से बाहर निकलने पर कर्फ़्यू जैसी सख्ती बरती जाएगी। इस संबंध में बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा है कि, “जो भी व्यक्ति लॉकडाउन के निर्देशों को तोड़ेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। इस दौरान पासधारी वाहनों का भी संचालन नहीं होने दिया जायेगा। केवल आकस्मिक सेवा वाले लोग ही इस समय निकल सकते हैं।”

गर्भवती महिलाओं, 65 से अधिक उम्र के बुजुर्गों और 10 साल के कम उम्र के बच्चों के साथ और गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीज लॉकडाउन से बाहर रखे गए हैं। ये जरूरी काम या इलाज के लिए बाहर जा सकेंगे। इस दौरान केवल जरूरी सामान की दुकानें ही खुलेंगी। रेड जोन में शामिल जिले में आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के अलावा अन्य दुकानों को खोलने या अन्य प्रकार छूट देने का निर्णय डीएम स्थानीय परिस्थितियों के मद्देनजर ले सकते हैं।

फिलहाल बिहार के 33 जिले ऑरेंज जोन में है। इनमें थोड़ी छूट दी गयी है। इस जोन में नालन्दा, कैमूर, सीवान, गोपालगंज, भोजपुर, बेगूसराय, औरंगाबाद, पूर्वी चंपारण, भागलपुर, अरवल, सारण, नवादा, लखीसराय, बांका, वैशाली, दरभंगा, जहानाबाद, मधेपुरा, पूर्णिया, अररिया, जमुई, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, सहरसा, समस्तीपुर, शिवहर, सीतामढ़ी और सुपौल शमिल हैं। इन जिलों में चार पहिया वाहन में ड्राइवर सहित 3 व्यक्ति, दो पहिया पर 2 व्यक्ति चल सकेंगे। ऑटो रिक्शा इत्यादि का संचालन हो सकेगा लेकिन उस पर केवल 3 सवारी ही होंगे। इस जोन में भी बसों का परिचालन नहीं होगा। बाकी 33 फीसदी स्टाफ के साथ निजी कार्यालय खुलेंगे। प्लम्बर, कारपेंटर, मोबाइल, बिजली की दुकानें, स्पा और सैलून इत्यादि खुल सकेंगे। कुरियर व पोस्टल सेवाएँ भी जारी रहेगी। औद्योगिक गतिविधियाँ रेड जोन की तरह ही जारी रहेंगी। ई-कॉमर्स से कोई भी सामान मंगवाया जा सकेगा।

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