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बिहार वापस लौटे श्रमिकों को रोजगार देने की हुई शुरुआत

पटना: लॉकडाउन से थोड़ी राहत मिलते ही प्रवासी श्रमिक अपने गृहराज्य वापस लौटने लगे हैं। बिहार लौटने वाले श्रमिकों की तादाद अच्छी-खासी है। ऐसे में उनेक लिए रोजगार की व्यवस्था करना राज्य सरकार के लिए एक चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार रोजगार सृजन के विभिन्न अवसरों की तलाश कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस संबंध में वरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी कर चुके हैं।

दूसरे राज्यों में फँसे बिहार के लोग श्रमिक स्पेशन ट्रेनों से लगातार वापस लौट रहे हैं। आज शुक्रवार को 20 ट्रेनों से लगभग 20 हजार लोग बिहार पहुँचेंगे। उनके पहुँचते ही सबसे पहले उन्हें 14 दिनों तक क्वारंटीन में रखा जाएगा। फिर उनकी क्षमता के अनुसार उन्हें विभिन्न कामों में लगाया जाएगा। वापस लौटे प्रवासी श्रमिकों की सही-सही संख्या पता हो इसके लिए उनके कौशल सर्वे का आदेश दिया गया है। सर्वे के काम में लगे अधिकारियों व कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि सर्वे का काम ठीक से किया जाए।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रोजगार सृजन के लिए सभी विभागों को अग्रिम तैयारी रखने की हिदायत दी है। उन्होने सभी विभागों के प्रमुखों से कहा है कि प्रवासी मजदूरों के स्किल सर्वे से प्राप्त प्रोफाइल के अनुसार रोजगार सृजन के लिए अग्रिम तैयारी कर लें, जिससे कि श्रमिकों से उनके कौशल के अनुसार काम लिया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हम सबकी यह जिम्मेदारी है कि बाहर से आ रहे हमारे श्रमिकों को राज्य में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्हें यही रोजगार मिले, इसके लिए अभी और ज्यादा तैयारी करने की जरूरत है।

राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के विषय में राज्य सरकार की तैयारियों के बारे में मीडिया को जानकारी दी। उन्होने कहा कि, “मनरेगा, जल-जीवन-हरियाली, नल-जल, सड़क निर्माण आदि कार्यों को शुरू कराया गया है। लॉकडाउन के दौरान अब तक 12 विभागों की योजनाएँ शुरू की गई हैं, जिसके तहत एक करोड़ 34 लाख कार्य दिवस का सृजन किया गया है।”

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि राज्य में वापस लौटे लोगों को क्वारंटीन सेंटर में किसी प्रकार की कोई असुविधा ना हो, इसका ध्यान रखा जाए। प्रखंड स्तरीय क्वारंटीन सेंटर पर निर्धारित मानक प्रक्रिया के तहत पूरी व्यवस्था रखें, ताकि वहाँ रह रहे किसी भी व्यक्ति को कोई समस्या नहीं हो। साथ ही पंचायत स्तरीय क्वारंटीन सेंटर को भी सुविधाओं से लैस करें और उसे भी अपग्रेड कर प्रखंड स्तरीय क्वारंटीन सेंटर की तरह सुदृढ़ करें। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और अन्य आला अधिकारियों के साथ कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किये जा रहे उपायों की समीक्षा की और उन्हें सभी ज़रूरी प्रयास करने के निर्देश दिए।

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