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झारखंड में जल्द ही होगी 22 हज़ार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति

राँची: शिक्षक नियुक्ति की उम्मीद में बैठे राज्य के अभ्यर्थियों का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के प्राइमरी से लेकर प्लस टू तक के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू होने वाली है।

इसके लिए सभी जिलों से दिसंबर 2020 तक सेवानिवृत होने वाले हाई स्कूलों व प्लस टू के शिक्षकों की सूची मांगी गई है। बताया जा रहा है कि इस सूची के आधार पर ही रिक्तियाँ तय की जाएंगी। इसके लिए स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के ओर से शिक्षकों के नाम, पदनाम, स्कूल के नाम और उनकी सेवानिवृति की तिथि देने को कहा गया है।

बताते चलें कि फिलहाल हाई और प्लस टू स्कूलों में करीब 10 हजार और प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में करीब 22 हजार शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। जबकि नए पद सृजित होने के बाद प्राथमिक से मध्य विद्यालय में अपग्रेड हुए स्कूलों में करीब 27 हजार और शिक्षकों की ज़रूरत पड़ेगी।

अभी राज्य में प्राइमरी से लेकर प्लस टू तक के स्कूलों में शिक्षकों की काफी कमी है। हालाँकि 2015-16 में इन स्कूलों में नियुक्ति प्रक्रिया की शुरुआत की गई थी, लेकिन सभी रिक्त पदों को नहीं भरा गया था। तब प्रारंभिक स्कूलों में 28 हजार पदों पर शिक्षक नियुक्ति की शुरूआत हुई थी। इसमें प्राथमिक स्कूलों में 12,486 और मिडिल स्कूलों में 3212 शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इसके बाद करीब साढे 12 हजार पद रिक्त रह गए थे।

वहीं, प्लस टू स्कूलों में 2018 में 2800 पदों में से करीब 14 सौ पदों पर ही बहाली की गई थी। अगर बात करें हाई स्कूलों की तो इनमें साढ़े सत्रह हजार शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई थी जिसमें से अब तक करीब नौ हजार शिक्षक नियुक्त हो सके हैं। कई विषयों में अभी भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है।

ऐसी ख़बर मिल रही है कि शिक्षक नियुक्ति की ज़िम्मेदारी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को देने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए नई नियमावली भी तैयार की जा रही है। आपको बता दें कि पहले प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति टेट के नंबर और सर्टिफिकेट के नंबर के आधार पर सीधे होती थी।

लेकिन अब बिना परीक्षा दिये उनकी नियुक्ति नहीं हो सकेगी। टेट पास अभ्यर्थियों को पहले क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा पास करनी होगी। इसके बाद ही वे आगे क्वालीफाई कर सकेंगे। हालाँकि राज्य में 2012 और 2016 के बाद अबतक शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं आयोजित की गई है।

जबकि 2016 में करीब 50 हजार अभ्यर्थियों ने टेट की परीक्षा पास की थी। ये सभी अभ्यर्थी अभी भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। वैसे यह भी ख़बर है कि 2020 में झारखंड एकेडमिक काउंसिल टेट के आयोजन की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है कि मैट्रिक और इंटरमीडिएट के रिजल्ट आने के बाद इसके लिए आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

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