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झारखंड: युवाओं को मछली पालन से जोड़कर रोजगार देने की तैयारी

राँची: कोरोना संकट की वजह से राज्य में वापस लौटे प्रवासियों को रोजगार मुहैया कराने के लिए सरकार नए-नए अवसरों की तलाश कर रही है। इसी दिशा में राज्य के युवाओं को मछली पालन से जोड़कर उन्हें रोजगार देने की योजना पर काम किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि अर्थव्यवस्था में मत्स्य व्यवसाय की एक महत्वपूर्ण भूमिका होने के साथ-साथ इसमें रोजगार की भी अपार संभावनाएं हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में मत्स्य पालन का अहम योगदान है। वर्तमान में मछली पालन व्यवसाय के माध्यम से बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। वहीं गाँव के तालाब जल संचयन और लोगों की आय बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं।

राज्य सरकार की योजना से प्रवासी मजदूरों को भी जोड़ने की तैयारी है। खासकर वैसे मजदूर, जिन्हें मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनुभव प्राप्त है। ऐसे प्रवासियों को मत्स्य विभाग के तरफ से सूचीबद्ध कर मत्स्यपालन से जोड़े जाने को लेकर योजना बनाई जा रही है। इन मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दी जाएगी। कृषि-पशुपालन विभाग पुराने मछली पालकों की आमदनी दोगुनी करने का मौका देगा।

मत्स्य विभाग की ओर से इस योजना के तहत सामान्य वर्ग को 40 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। जबकि महिला व अन्य वर्ग को 60 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी। यही नहीं, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा येाजना के माध्यम से मछली पालकों व इसके रोजगार से जुड़ने वाले युवाओं को भी लाभ मिलेगा। मछली पालन में आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को सरकार 60 प्रतिशत तक सब्सिडी देगी।

सरकार की योजना के अनुसार मछली पालन के लिए नए तालाब का निर्माण कराया जा सकेगा। यहाँ तक कि इस रोजगार से जुड़ने के लिए लोगों को प्रशिक्षण भी मिलेगा। इसके लिए विभाग की ओर से इच्छुक लोगों को प्रशिक्षण व इससे जुड़ने के फायदों के बारे में अवगत कराया जाएगा। मछली पालकों को बॉयोफ्लैप से जोड़ने की भी तैयारी है, इससे कम जगह में अधिक मछलियों का उत्पादन किया जा सकता है। मछली पालन के लिए विदेशी तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि मछली का उत्पादन बढ़ सके। इससे अच्छी किस्म की मछलियां यहीं के बाजार में उपलब्ध हो सकेंगी। आपको बता दें कि, राज्य में फिलहाल प्रतिवर्ष 2.23 लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन होता है, जबकि लक्ष्य 2.40 लाख मीट्रिक टन मछली उत्पादन का रखा गया है।

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