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पूर्वांचल की इन सब्जियों व फलों को जल्द मिलेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान

वाराणसी: यदि सबकुछ योजना के अनुरूप रहा तो जल्द ही पूर्वांचल क्षेत्र के कुछ जिलों की सब्जियों व फलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ब्रांड के तौर पर पहचान मिलेगी। दरअसल पिछले दिनों अपने संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उत्पादों को ब्रांड के रूप में विकसित करने पर जोर दिया था। प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण व जिला प्रशासन एक जिला एक उत्पाद की तर्ज पर सब्जियों व फलों को विकसित करने जा रहे हैं, जिन्हें ब्रांड के रूप में बाजार में उतारा जाएगा। इन सभी कृषि उत्पादों को विदेशों में ज्यादा से ज्यादा निर्यात करने के लिए उनकी गुणवत्ता व मानकों में सुधार किया जाएगा।

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के सहायक प्रबंधक डॉ. सीबी सिंह ने इस बारे में कहा है कि, “पूर्वांचल में कृषि निर्यात की काफी संभावनाएं हैं। सरकार का जोर है कि यहाँ के उत्पादों में मानक व गुणवत्ता सुधार कर उत्पादन बढ़ाया जाए, ताकि किसानों की आय के साथ ही जिले की जीडीपी भी बढ़ायी जा सके।” डॉ. सीबी सिंह ने यह भी कहा कि, “किसानों को विशेष सब्जियों व फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एफपीओ के जरिए उन्हें सरकारी मदद दिलायी जाएगी। पीएम किसान किसान उत्पादक संगठन योजना के तहत संगठन के किसानों को 15 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा शोधित बीज और उत्पादन के लिए प्रशिक्षण भी देकर उन्हें सशक्त बनाया जाएगा। वर्तमान में बनारस में पांच, गाजीपुर में सात, जौनपुर में दो और चंदौली में एक एफपीओ का गठन हो चुका है।”

कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से जिन फलों व सब्जियों का चुनाव किया गया है उनमें वाराणसी से लंगड़ा आम, गाजीपुर की मिर्च, चंदौली का काला चावल, जौनपुर का मिश्रित सब्जियां और मिर्जापुर व सोनभद्र के टमाटर शामिल हैं। जिला प्रशासन इन उत्पादों को जीआई कैटेगेरी में रखने की तैयारी शुरू कर दी है। वाराणसी के लंगड़ा आम के लिए प्रशासन की ओर से प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। आपको बता दें कि फिलहाल वाराणसी के 700 हेक्टेयर क्षेत्र में बनारसी लंगड़ा आम, गाजीपुर के 1200 हेक्टेयर क्षेत्र में मिर्च, चंदौली के 250 हेक्टेयर क्षेत्र में काला चावल तथा सोनभद्र व मिर्जापुर क्षेत्र के 1800 हेक्टयेर में टमाटर का उत्पादन होता है।

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