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पूर्वांचल के किसानों को जल्द ही मिलेगी आईआईवीआर द्वारा विकसित टमाटर की यह नई किस्म

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में टमाटर की खेती करने वाले किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल, भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) ने टमाटर की एक ऐसी उन्नत किस्म का विकास किया है, जो पूर्वांचल के मौसम के अनुकूल है। हालाँकि, अभी तक इस किस्म को कोई नाम नहीं दिया गया है। अभी इसे बेबी या चेरी टमाटर के नाम से पुकारा जा रहा है। फिलहाल इसके कुछ और परिणामों का विश्लेषण करने के लिए इसकी खेती संस्थान परिसर में की गई है। उम्मीद है कि आने वाले कुछ महीनों में चेरी टमाटर को किसानों के लिए जारी किया जाएगा।

टमाटर की यह नई किस्म आकार में काफी छोटी है। इसे घर में भी बड़ी आसानी से उगाया जा सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि चेरी टमाटर की इस किस्म से किसानों की आय दोगुनी हो सकती है। क्योंकि बाजार में सामान्य टमाटर के मुकाबले इसकी कीमत दो से तीन गुना अधिक होती है। पूर्वांचल के मौसम के अनुकूल होने के कारण इस क्षेत्र के किसानों को इसकी खेती से अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद है। इस किस्म की खेती कर किसान प्रति हेक्टेयर भूमि से चार क्विंटल से भी अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। इस किस्म की खेती उन लोगों के लिए भी काफी सहूलियत से भरी होगी, जो किचेन गार्डेन में टमाटर उगाते हैं। क्योंकि चेरी टमाटर को गमलों में भी बड़ी आसानी से उगाया जा सकता है।

बताते चलें कि चेरी टमाटर के विकास में आईआईवीआर के निदेशक डॉ॰ जगदीश सिंह व प्रधान वैज्ञानिक डॉ॰ नागेंद्र राय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होने चेरी टमाटर के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि इसमें एंटीआक्सीडेंट और विटामिन सी के साथ-साथ लाइकोपीन भी पाया जाता है, इस वजह से यह बहुत स्वास्थ्यवर्धक होता है।

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