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टमाटर के भाव में भारी गिरावट से किसान परेशान

नई दिल्ली: टमाटर के भाव में लगातार गिरावट हो रही है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में टमाटर की कीमत और भी नीचे जाएगी। इस बारे में अखिल भारतीय किसान सभा के डॉ. अजित नवले ने कहा कि, “किसान टमाटर को बाजार तक पहुंचाने का भारी खर्च उठाने की बजाय इसे फेंक देना पसंद कर रहे हैं। राज्य सरकार के साथ ही विपक्षी दलों के पास भी इस मुद्दे को उठाने को लेकर समय नहीं है। सरकार को इसका कोई हल निकालना चाहिए। वह या तो वित्तीय सहायता दे या प्रोसेसर के साथ मिलकर टमाटर के उपयोग के लिए रास्ता निकाले।”

टमाटर के भाव में आ रही गिरावट पर दिल्ली स्थिति आजादपुर मंडी टमाटर व्यापारी संघ के अध्यक्ष अशोक कौशिक ने कहा कि, “दिल्ली या अन्य शहरों में टमाटर सही स्थिति में नहीं पहुंच पा रहे हैं। एक तो ये टमाटर उत्पादन करने वाले शहरों से काफी दूर हैं और दूसरी तरफ, अधिक वर्षा के कारण ये अचानक काफी पक गए हैं। इस वजह से ट्रांसपोर्टेशन के दौरान ये और भी खराब हो जा रहे हैं। हमलोग उत्तरी राज्यों खासकर, हरियाणा या जम्मू में भी पर्याप्त मात्रा में टमाटर नहीं भेज पा रहे हैं।”

बताते चलें कि महाराष्ट्र के नासिक जिले में लासलगांव और पिंपलगांव मॉनसून सीजन के लिए देश के दो सबसे बड़े टमाटर बाजार हैं। यहाँ किसानों को 3 रुपए से 5 रुपए प्रति किलो के भाव पर टमाटर की बिक्री करनी पड़ रही है। इससे उन्हें ट्रांसपोर्टेशन का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं, भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े आपसी तल्खी की वजह से पाकिस्तान को टमाटर का निर्यात पिछले तीन साल से बंद है। इस परिस्थिति में लासलगांव मंडी की अध्यक्ष सुवर्णा जगताप ने केंद्र सरकार से टमाटर के निर्यात में तेजी लाने की मांग की है, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके।

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