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उत्तर प्रदेश: गन्ने की घटतौली रोकने के लिए पुरानी व्यवस्था में बदलाव

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के हित में गन्ना विकास व चीनी उद्योग विभाग द्वारा कुछ महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। दरअसल, इस बार गन्ना पेराई सत्र के दौरान गन्ने की घटतौली रोकने के लिए पुरानी व्यवस्था में कुछ बदलाव किए गए हैं। इसके तहत् प्रत्येक तौल केन्द्र पर एक तौल लिपिक की केवल पन्द्रह दिनों के लिए ही तैनाती की जाएगी। उसके बाद उसकी अगली तैनाती किसी अन्य तौल केन्द्र पर की जाएगी। तौल लिपिक की तैनाती के लिए लॉटरी का सहारा लिया जाएगा। इससे विभिन्न स्तर पर अव्यवस्था में सुधार हो सकेगा, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।

गन्ना विकास व चीनी उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर. भूसरेड्डी ने इस संबंध में कहा कि, “हर तौल केन्द्र पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे और इन कैमरों के जरिये जिला गन्ना अधिकारी, सहायक गन्ना आयुक्त तथा स्वयं गन्ना आयुक्त अपने-अपने कार्यालयों हर तौल केन्द्र की निगरानी करेंगे।” उन्होने यह भी कहा कि, “अब 28-29 अक्टूबर से पेराई शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं, अगर ऐसा नहीं हो पाया तो फिर चार नवम्बर को दीपावली के बाद ही पेराई शुरू होगी। क्योंकि दीपावली के त्योहार में श्रमिकों की कमी का संकट खड़ा हो जाता है। प्रदेश में इस बार भी कुल 120 चीनी मिलों में पेराई होगी। इनमें से 93 मिलें निजी क्षेत्र की हैं, 24 सहकारी चीनी मिलें हैं और तीन मिलें उत्तर प्रदेश चीनी निगम की हैं।”

आपको बता दें कि विगत 17 से 19 अक्टूबर के बीच हुई बारिश की वजह से प्रदेश भर में गन्ने की पेराई अब पिछड़ गई है। पहले गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने 20 अक्टूबर से पश्चिमी यूपी से गन्ना पेराई शुरू किए जाने की घोषणा की थी। लेकिन अधिक बारिश होने की वजह से न केवल खेतों में बल्कि चीनी मिलों में भी पानी भर गया था। इस वजह से 20 अक्टूबर से शुरू होने वाले पेराई सत्र के लिए जारी की गई पर्चियां निरस्त करनी पड़ीं। अब फिर नये सिरे से पर्चियां जारी की जाएंगी।

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